There are no items in your cart
Add More
Add More
| Item Details | Price | ||
|---|---|---|---|
Instructor: BETTER DEMOCRACY
जीतने के अचूक चुनावी समीकरण
जमीनी सोशल इंजीनियरिंग, साइलेंट वोट और बूथ विजय की मास्टरक्लास
कोर्स की पृष्ठभूमि: भारतीय राजनीति में यह भ्रम व्याप्त है कि चुनाव धनबल, शोर और बाहुबल से जीते जाते हैं। किंतु यथार्थ इसके विपरीत है:
शोर बनाम खामोशी: रैलियां माहौल बनाती हैं, लेकिन निर्णायक मतदान घर की रसोई और खामोशी में तय होता है।
जातिवाद की सीमा: केवल अपनी जाति पर निर्भर प्रत्याशी हारते हैं; विजय 'सोशल इंजीनियरिंग' के विज्ञान से मिलती है।
अंतिम कतार की ताकत: दलित, पिछड़े, वंचित और महिलाएं सबसे अनुशासित निर्णायक ताकत हैं, जिन्हें अक्सर 'वोट बैंक' मानकर उपेक्षित किया जाता है।
कोर्स का मूल उद्देश्य: प्रत्याशी को 'वोट मांगने वाला नेता' नहीं, बल्कि 'दिलों को जीतने वाला जननेता' बनाना।
सर्वसमावेशी गठबंधन: 100% जातिगत निर्भरता के बजाय 50%+ संचयी बढ़त (Cumulative Lead) का मॉडल।
साइलेंट वोट: महिलाओं और वंचितों के स्वाभिमान को पहचानकर उन्हें सुरक्षा कवच बनाना।
युवा शक्ति: युवाओं को भीड़ के बजाय कोर रणनीतिक टीम (वोर रूम) में बदलना।
टूलकिट: भाषणों के बजाय 7-चरणीय वैज्ञानिक फ्रेमवर्क और ग्राउंड SOP प्रदान करना।
1. सोशल इंजीनियरिंग (50%+ संचयी बढ़त)
सोशल GPS मैपिंग: टोला-वार वोटिंग ट्रेंड और असंतोष का सटीक डेटा विश्लेषण।
गोल्डन ट्रिनिटी फॉर्मूला: एंकर बेस (60%), स्विंग वोटर्स (30%) और साइलेंट बेस (50%) का संयुक्त गठबंधन।
की-इन्फ्लुएंसर्स: रिटायर्ड फौजी, शिक्षक, SHG लीडर्स और दुकानदारों से सीधा संपर्क।
2. महिला शक्ति (साइलेंट वोट & 1=5 प्रभाव)
पारिवारिक प्रभाव-चक्र: सास (सम्मान), बहू (निर्णायक विमर्श) और बेटी (तर्क व विज़न)।
1 = 5 मल्टीप्लायर: 1 जागरूक महिला = 1 पक्का वोट + 3 पारिवारिक वोट + 1 पड़ोस का प्रभाव।
दहलीज संवाद: दोपहर 12:00 से 3:30 के बीच संपर्क; पानी, शौचालय, शिक्षा और शराबबंदी पर केंद्रित विमर्श।
3. युवा शक्ति (भीड़ नहीं, रणनीतिक टीम)
3 स्तंभ: सम्मान, पहचान (आधिकारिक पद) और स्पष्ट भविष्य।
सक्रिय जिम्मेदारियां: बूथ कमांडर, डेटा विश्लेषक और सोशल मीडिया प्रभारी जैसे पद।
ऑर्गेनिक नैरेटिव: 50 युवाओं के व्हाट्सएप/रील्स नेटवर्क से 10,000+ स्थानीय वोटरों तक सीधी पहुंच।
4. वंचित समाज (अंतिम कतार की विजय)
टारगेट मैपिंग: बाहरी बस्तियों के 40–60% अनुशासित वोट-बैंक पर विशेष फोकस।
सम्मान की राजनीति: बस्तियों में पैदल प्रवेश, बराबरी का व्यवहार और रात्रि चौपाल (7:00–9:30 PM)।
ठोस वादे: राशन, पेंशन, आवास, स्ट्रीट लाइट और सम्मानजनक हिस्सेदारी की गारंटी।
आपकी पहचान, आपका प्रभाव — हर मतदाता तक सीधा और मज़बूत जुड़ाव।
पढ़िए, सुनिए, देखिए और समझिए — चुनावी दांव-पेंच में निपुण बनिए।
परखिए अपनी क्षमता — जानिए चुनाव जीतने के लिए आप कितने तैयार हैं।
हर चुनावी चुनौती पर पाइए सही दिशा और असरदार रणनीति।